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रुश्दी ने ‘मोदी भक्तों’ को ‘मोदी टोडीज़’ कहा

नरेंद्र मोदी, सलमान रुश्दीImage copyright REUTERS AND EPA

लेखक सलमान रुश्दी ने ‘मोदी भक्तों’ को ‘मोदी टोडीज़’ कहा है.

Toadies अंग्रेज़ी का शब्द है जो Toad से बना है. टोड मेंढक की एक प्रजाति होती है जो टर्र टर्र करती है. कम से कम रुश्दी का यही अभिप्राय था मोदी समर्थकों को मोदी टोडीज़ कहने का.

सोशल मीडिया पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों को ‘मोदी भक्त’ कहा जाता है.

उन्हीं पर सलमान रुश्दी ने चुटकी ली.

मोदी समर्थकों का रुश्दी पर ग़ुस्सा

Image copyright PTI

हाल ही में दादरी हत्याकांड और उसके बाद पाकिस्तानी ग़ज़ल गायक ग़ुलाम अली के विरोध जैसी घटनाओं से नाराज़ होकर अशोक वाजपेयी और नयनतारा सहगल समेत क़रीब 40 साहित्यकारों ने या तो साहित्य सम्मान लौटा दिए या इन घटनाओं पर अपना विरोध दर्ज कराया था.

सलमान रुश्दी ने इन सभी लेखकों का समर्थन किया था, जिसके बाद ट्विटर पर उन्हें मोदी समर्थकों की ख़ासी नाराज़गी झेलनी पड़ी थी.

रुश्दी ने दावा किया कि उन्हें कई गाली-गलौज वाले ट्वीट भी मिले.

जिसके बाद रुश्दी ने ट्वीट किया, “आ गए मोदी टोडीज़. टोडीज़ ये जान लें कि मैं किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थक नहीं हूं और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हर तरह के हमलों का विरोध करता हूं. लिबर्टी ही मेरी एकमात्र पार्टी है.”

रुश्दी का समर्थन भी विरोध भी

Image copyright BBC World Service

रुश्दी के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने ढेर सारी प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ रुश्दी के समर्थन में, कुछ विरोध में.

डारब फ़ारुक़ी ने लिखा, “मोदी टोडीज़ बड़ा अच्छा शब्द है. अब से भक्तों की जगह पर मोदी टोडीज़ शब्द का ही इस्तेमाल होना चाहिए.”

लेकिन कई लोगों ने रुश्दी का विरोध भी किया है.

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “बड़े दुख की बात है कि हम जैसे कई मोदी टोडीज़ ने सलमान रुश्दी का कई मौक़ो पर बचाव किया और अब वो हम लोगों को ही चमचा बता रहे हैं.”

समित मलखानी नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, “पीएम मोदी के सभी समर्थकों को मोदी टोडीज़ कहना बिलकुल ग़लत है. मोदी के समर्थक काफ़ी अक़्लमंद हैं और अगर ज़रूरत पड़े तो हम उनकी आलोचना भी करेंगे. हम उनका समर्थन करते हैं सिर्फ़ इस वजह से हमें उनका अंध भक्त नहीं कहना चाहिए.”

वैसे मोदी टोडीज़ शब्द की ईजाद सलमान रुश्दी ने नहीं की. इसका सबसे पहले इस्तेमाल पत्रकार मिहिर एस शर्मा ने 2012 में एक लेख में किया था.

नरेंद्र मोदी के समर्थकों के लिए इस टर्म का इस्तेमाल सलमान रुश्दी इससे पहले 2014 में एक अमरीकी टीवी शो के दौरान कर चुके हैं.

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