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तमाम कोशिशों के बावजूद अधिकतर जगहों पर बढ़ती ही जा रही हैं अरहर दाल की कीमतें

नई दिल्ली: सरकार की कोशिशों के बावजूद अरहर दाल की कीमतें ज्यादातर जगहों पर बढ़ती जा रही हैं। खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 19 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच अरहर दाल की खुदरा कीमतें दिल्ली समेत 25 शहरों में बढ़ गई हैं। ये वो शहर हैं जहां महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थों की मॉनिटरिंग खाद्य मंत्रालय द्वारा की जाती है।

दिल्ली की नया बाजार अनाज मंडी के दाल व्यापारी विजय पिछले कुछ दिनों से परेशान हैं। इस थोक मंडी में बीते हफ्ते 200 रुपये किलो मिल रही अरहर दाल अब 165 रुपये किलो तक आ गई है, लेकिन फिर भी इसकी बिक्री कम हो रही है। यहां के दाल व्यापारियों की दलील है कि कीमत घटने के बाद भी रिटेल ट्रेडर्स अरहर दाल खरीदने कम आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि अगर उन्होंने एक सीमा से ज्यादा दाल खरीदकर स्टॉक किया तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

कीमत ज्यादा होने की वजह से लोगों ने दाल खाना काफी कम कर दिया है और इस कारण उसकी मांग बाजार में घट गई है। दाल व्यापारी विजय कहते हैं, “लोगों ने अरहर दाल खाने में कटौती की…नई सब्जियां भी बाज़ार में आ गई हैं…जो 2 किलो खरीदता था वो अब 250 ग्राम खरीदता है।”

यही वजह है कि खुदरा बाजार से ये सस्ती अरहर दाल अभी दूर है और थोक में दाम गिरने के बावजूद खुदरा बाजार में बढ़ोतरी जारी है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 19 अक्टूबर और 26 अक्टूबर के बीच 25 महत्वपूर्ण शहरों के खुदरा बाजार में अरहर दाल महंगी हुई है। दिल्ली में ये दाल 163 रुपये से बढ़कर 182 रुपये किलो हो गयी। जबकि इस दाल की कीमत जम्मू में 21 रुपये, पंचकूला में 20, रायपुर में 18 और हैदराबाद में 21 रुपये प्रति किलो बढ़ गई।  

इस दौरान सरकार की कोशिशों का असर सिर्फ 14 शहरों में दिखाई दे रहा है, जहां अरहर दाल की कीमतें घटी हैं। 19 अक्टूबर और 26 अक्टूबर के बीच जिन महत्वपूर्ण शहरों के रिटेल मार्केट में अरहर दाल की कीमतें घटी हैं, उनमें अहमदाबाद, कानपुर और जयपुर जैसे शहर अहम हैं। अहमदाबाद में अरहर दाल 20 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है, वहीं कानपुर और जयपुर में इसकी कीमत 15 रुपये और बेंगलुरू में 10 रुपये प्रति किलो कम हुई है।

मुश्किल ये है कि अधिकतर शहरों के खुदरा बाजार में जो अरहर दाल बिक रही है, उसे थोक में ट्रेडर्स ने 8-10 दिन पहले खरीदा था, जब थोक बाजार में उनकी कीमतें काफी ज्यादा थीं और इसलिए वो जब तक अपना पुराना स्टॉक नहीं बेच लेते तब तक थोक बाजार में अरहर दाल की कीमतों में आई गिरावट का असर जमीन पर दिखना शुरू नहीं होगा।

दाल व्यापारी आनंद गर्ग कहते हैं, “किराना दुकानदारों ने काफी महंगे रेट पर 8-10 दिन पहले थोक बाज़ारों से दाल खरीदी। जब तक वो ये महंगी दाल नहीं बेच लेते, तब तक मंडी में नया माल खरीदने नहीं आएंगे।” यानी देश के कई बड़े शहरों में अरहर दाल की कीमतों में कटौती के लिए अभी आपको कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।

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