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ज्योति बसु के समान बिहार में नीतीश, कोई सरकार-विरोधी लहर नहीं : बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा

नई दिल्ली: बिहार चुनाव में अपनी अनदेखी से नाराज बीजेपी नेता और बिहारी बाबू के नाम से जाने जाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि चुनाव प्रचार में कुछ लोग उन्हें देखना नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। उन्होंने पार्टी प्रमुख अमित शाह और दिल्ली के कुछ नेताओं की ओर इशारा भी किया। एनडीटीवी की बरखा दत्त से खास बातचीत में सिन्हा ने यह बात कही।

पार्टी के लिए प्रचार को तैयार था
पार्टी और नेताओं पर तमाम परोक्ष हमले कर चुके सिन्हा ने कहा कि मैं अपनी तरफ से पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि मैं पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए पूरी तरह से तैयार था। उन्होंने तीन तारीखों की भी घोषणा की जिन तारीखों पर चुनाव प्रचार के लिए वह तैयार थे। उनके अनुसार 6,7,8 को वह प्रचार पर जाने को तैयार थे।

दो बार तारीखें दी
इसके बावजूद, उनका कहना था कि पार्टी की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। सिन्हा ने कहा कि बाद में उन्होंने 23, 24, 25 की भी तारीखें दी और इसमें भी पार्टी का कोई जवाब नहीं आया। सिन्हा ने कहा कि इसके बाद उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी प्रमुख अमित शाह से भी मुलाकात की कोशिश की।

कुछ नेता असुरक्षित हैं
पार्टी से नाराज शत्रुघ्न सिन्हा ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का टिकट न दिए जाने की कोशिश की गई। उन्होंने बिहार के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया कि वे सिन्हा को रोकना चाहते हैं। मुझसे कुछ नेता असुरक्षित हैं।

इंदिरा होतीं तो कांग्रेस में चला जाता
हाल फिलहाल तक कांग्रेस की खिलाफत करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो वह कांग्रेस में चले जाते। एक बार फिर उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार बंगाल के ज्याति बसु के समान है जिनके खिलाफ कोई सरकार-विरोधी लहर नहीं है। बीजेपी को नेगेटिव कैंपेन नहीं करने की वे सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनरल वीके सिंह के बयान को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।

महंगाई मुद्दा है, पार्टी को आइना दिखाया
सिन्हा का कहना है कि चुनाव में महंगाई मुद्दा है। इसलिए दाल पर उन्होंने पार्टी को आइना दिखाने की कोशिश की।

मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज!
कहा जाता है कि केंद्र में पार्टी की सरकार बनने के बाद भी शत्रुघ्न सिन्हा को मंत्री पद नहीं दिया गया जिससे वह नाराज हो गए। इससे जुड़े एक प्रश्न के जवाब में सिन्हा ने कहा कि मंत्री बनाना, नहीं बनाना पीएम का अधिकार होता है। उनका कहना है कि ऐसा नहीं होने से उनके समर्थकों को अफसोस हुआ।

भागवत के बयान का समर्थन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण पर दिए गए बयान का समर्थन करने के बाद एक बार फिर सिन्हा ने कहा कि मैं भागवत जी की इज्जत करता हूं। वे जो कहते हैं सोच-समझ कर कहते हैं। उनका कहना है कि वे बिहार चुनाव में प्रचार के लिए पूरी तरह से तैयार थे फिर भी उन्हें बाहर रखा गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के अहंकार की वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है।

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